वशीकरण शब्द कहने में जितना आसान है उतना ही मुश्किल साधने में है! वशीकरण विद्या प्राचीन विद्या है और यह तंत्र की अष्ट कर्म सिधिकर्म,शान्तिकर्मा ,रोगनाशक कर्म , वशीकरण ,विद्वेषण ,स्तम्भन ,उचाटन ,और मारण कर्म ) में से एक है!मैंने अपने लेखो में कई बार वशीकरण का जिक्र किया है और कई बार मंत्र भी वेबसाइट पर दिए है ,और मुझे अक्सर ईमेल आती रहती है की हमें किसी वशीकरण मंत्र के बारे में बताये ,कोई आपनी प्रेमिका के बारे में ,कोई प्रेमी के बारे में कोई पत्ति का ,कोई बिगडे बेटे का ,कोई बॉस का ,कोई अपनी फैक्ट्री की लेबर का ,कोई शत्रु का और न जाने क्या क्या कोई भूत को ही वश में करना चाहता है! सब का सवाल एक ही है और उस के पीछे मंशा भी की कैसे हमारा स्वार्थ सिद्ध हो जाये जो वस्तु हमें लाख प्रयतन पर भी नहीं मिल रही वो मिल जाये जो बिनती करने पर भी हमारा कहा नहीं मान रहा वो मान ले? तंत्र द्वारा वशीकरण ! तंत्र शास्त्र भारत की एक प्राचीन विद्या है। तंत्र ग्रंथ भगवान शिव के मुख से आविर्भूत हुए हैं। उनको पवित्र और प्रामाणिक माना गया है। भारतीय साहित्य में ‘तंत्र’ की एक विशिष्ट स्थिति है, पर कुछ साधक इस शक्ति का दुरुपयोग करने लग गए, जिसके कारण यह विद्या बदनाम हो गई। जो तंत्र से भय खाता हैं, वह मनुष्य ही नहीं हैं, वह साधक तो बन ही नहीं सकता! गुरु गोरखनाथ के समय में तंत्र अपने आप में एक सर्वोत्कृष्ट विद्या थी और समाज का प्रत्येक वर्ग उसे अपना रहा था! जीवन की जटिल समस्याओं को सुलझाने में केवल तंत्र ही सहायक हो सकता हैं! परन्तु गोरखनाथ के बाद में भयानन्द आदि जो लोग हुए उन्होंने तंत्र को एक विकृत रूप दे दिया! उन्होंने तंत्र का तात्पर्य भोग, विलास, मद्य, मांस, पंचमकार को ही मान लिया! “मद्यं मांसं तथा मत्स्यं मुद्रा मैथुनमेव च, मकार पंचवर्गस्यात सह तंत्रः सह तान्त्रिकां” जो व्यक्ति इन पांच मकारो में लिप्त रहता हैं वही तांत्रिक हैं, भयानन्द ने ऐसा कहा! उसने कहा की उसे मांस, मछली और मदिरा तो खानी ही चाहिए, और वह नित्य स्त्री के साथ समागम करता हुआ साधना करे! ये ऐसी गलत धरना समाज में फैली की जो ढोंगी थे, जो पाखंडी थे, उन्होंने इस श्लोक को महत्वपूर्ण मान लिया और शराब पीने लगे, धनोपार्जन करने लगे, और मूल तंत्र से अलग हट गए, धूर्तता और छल मात्र रह गया! और समाज ऐसे लोगों से भय खाने लगे! और दूर हटने लगे! लोग सोचने लगे कि ऐसा कैसा तंत्र हैं, इससे समाज का क्या हित हो सकता हैं? लोगों ने इन तांत्रिकों का नाम लेना बंद कर दिया, उनका सम्मान करना बंद कर दिया, अपना दुःख तो भोगते रहे परन्तु अपनी समस्याओं को उन तांत्रिकों से कहने में कतराने लगे, क्योंकि उनके पास जाना ही कई प्रकार की समस्याओं को मोल लेना था! और ऐसा लगने लगा कि तंत्र समाज के लिए उपयोगी नहीं हैं! परन्तु दोष तंत्र का नहीं, उन पथभ्रष्ट लोगों का रहा, जिनकी वजह से तंत्र भी बदनाम हो गया! सही अर्थों में देखा जायें तो तंत्र का तात्पर्य तो जीवन को सभी दृष्टियों से पूर्णता देना हैं! दत्तात्रेय तंत्र में जिक्र आता है की भगवान् शिव ने खुद ऋषि दत्तात्रेय को वरदान दिया था की मै खुद तीन अवस्थाओ मे साधक के साथ हूँ जहा किसी की स्त्री का हरण हुआ हो,जहाँ किसी का किसी ने धन चुराया/या जप्त किया हो ,और किसी ने जमीन पर अनधिकृत जप्त किया हो उस समय मै उस साधना मै साधक के साथ उस दुष्ट के विरुद्ध खुद विराजमान होता हूँ !अन्यथा अपनी शक्ति का दुरूपयोग या आनेतिक कर्म मै मै उस साधक का विनाश करता हूँ इस लिए तंत्र विद्या का कभी दुरूपयोग नहीं करना चाहए केवल बहुत जरुरी होने पर ही इस का प्रयोग करना चाहए! अन्यथा नहीं. शंका और समाधान कुंडली में ख़ास योग ! लगातार परिश्रम या practice /साधना Complete संपूरण वशीकरण lucky number ,lucky color or इष्ट देव मंत्र द्वारा ! पहनाने पहनने और खाने वाली चीजो से वशीकरण ? केवल आप के व्यवहार द्वारा अलग -अलग व्यक्तिओ का वशीकरण (scientific way) सूर्य राशी जान कर वशीकरण आसान! वस्तुओ के दान और जल प्रवाह कर के इच्छित व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित करना या मधुर सम्बन्ध बनाना! सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग और अन्य नक्छत्रो का मंत्र सिद्दी के लिए प्रयोग! वशीकरण के वैदिक ,तांत्रिक,शाबर और मुसलमानी इलम! कुंडली में वशीकरण योग ना होते हुए भी व्यक्ति/साधक के व्यवहार और आभामंडल में आश्चर्य जनक परिवर्तन! आचरण और नियम !बाजार और अखबारों में छपे विज्ञापनों की पोल ? कौन है वो खास लोग जिन्हें वश में नहीं किया जा सकता ? 1. कुंडली में ख़ास योग :- वशीकरण के बारे में एक बात स्पष्ट कर दू की वशीकरण तो क्या कोई भी सिद्दी या विद्या जो की अलोकिक या रहस्यमय है ?उसे आप अपने जीवन में उतारे गे या उस मार्ग पर चले गे यह एक ख़ास योग या ग्रहो का समावेश स्थिति आप की कुंडली में अंगित/reflect /position या स्पष्ट करे गी जो की आप को इस विद्या की तरफ आकर्षित करे गी और सफलता दिलाये गी ! इस लिए उस योग को जरुर जाँच ले? ————– 2.लगातार परिश्रम या practice /साधना:- सच्ची लगन ही आप को सफलता दिलाती है!दुनिया में जितने भी अविष्कारक या सफल व्यक्ति हुए है! उन के पीछे उन की सच्ची लगन और परिश्रम ही था ,अविष्कार से पहले लोग उन को पागल कहते थे चाहे वो Thomas Alva एडिसन जिस ने बिजली का अविष्कार किया या Wright brothers,जिन्हों ने पहला एयर क्राफ्ट बनाया था और सेकड़ो उदहारण है जिन्हों ने सफल होने से पहले लाखों चुनोतियो का सामना किया और अपने मिशन को पूरा करने के लिए लगातार ३६-३६ घंटे जाग कर भी निराश नहीं हुए और सफल हो कर आलोचकों का मुह तोड़ जवाब दिया !किताब खरीद कर ,पड़ कर दराज में रख देने से सिद्दी नहीं मिलती ये तो उस पर अमल करने और समय देने से जो कहा है उस पर अमल करने से मिलती है! 3.complete सम्पूरण वशीकरण lucky number ,lucky color or इष्ट देव मंत्र द्वारा ! आप के लिए लक्की ,नंबर कपड़ो का रंग ,ओर कोण से देवता इष्ट का जाप करे जो आप को जल्दी सफलता दिलाने में सहायक हो. 4.पहनाने- पहनने और खाने वाली चीजो से वशीकरण ? आप ने अक्सर सुना होगा की फलाने आदमी या औरत को किसी ने कुछ खिला दिया है इस लिए यह उसी की बात सुनता है !ऐसे कई मंत्र है जिस से अभिमंत्रित कर के चीज खिलाने से सामने वाला आप के विरुद्ध नहीं बोलता और उस के आप से सम्बन्ध मधुर हो जाते है इस का प्रयोग पति पत्नी के लड़ाई झगडे में किया जाता है!इस लिये की वह एक दुसरे से वैरभाव भूल कर मधुरता से रहे! 5.केवल आप के व्यवहार द्वारा अलग -अलग व्यक्तिओ का वशीकरण (scientific way) 6.सूर्य राशी/sunsign जान कर वशीकरण आसान! जिस व्यक्ति को आप अपने प्रभाव में लाना चाहते है !अगर उस की सूर्य राशी आप को पता चल जाये तो उस की आदतों को जान कर उस का वशीकरण आसान हो जाता है और साथ ही आप उस की राशी के उपाए कर के भी उस पर अपना influence /प्रभाव डाल सकते है ! 7.वस्तुओ के दान और जल प्रवाह कर के इच्छित व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित करना या मधुर सम्बन्ध बनाना! जिस व्यक्ति का आप वशीकरण चाहते है या अपने प्रभाव में उसे लाना चाहते है! उन का प्रतिनिधि ग्रह आप की कुंडली में किस अवस्था में है और क्या प्रभाव डाल रहा है और कोन से उपाए या दान कर के आप को सफलता मिल सकती है या जल में उन सम्भंदित वस्तुओ को बहा कर ज्यादा मानसिक प्रभाव डाला जा सकता है यह कुंडली का विश्लेषण से ही पता चलता है! 8.सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग और अन्य नक्छत्रो का मंत्र सिद्दी के लिए प्रयोग!सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग और अन्य नक्छत्रो का मंत्र सिद्दी के लिए प्रयोग आदिकाल से चला आ रहा है !सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग आदि समय में मन्त्र जप का प्रभाव कई गुना बड जाता है इस लिए इस काल को साधक को जरुर जाप के लिए इस्तेमाल करना चाहिए ये मेरे निजी अनुभव में आया है! इस से सालो का काम महीनो में और महीनो का दिनों में हो जाता है और प्रभाव भी सदा रहता है! . 9. कुंडली में वशीकरण योग ना होते हुए भी व्यक्ति/साधक के व्यवहार और आभामंडल में आश्चर्य जनक परिवर्तन! कई बार ऐसा होता है की व्यक्ति जिस वस्तु या व्यक्ति को वश में करने के लिए जाप या साधना करता है उस की वो अभिलाषा तो पूरी नहीं होती पर इतना अवश्य होता है की साधक के आभामंडल और व्यक्तित्व में अश्र्यजनक परिवर्तन देखा गया है,जो उस की एकाग्रता /concentration को बढाता है !दिमाग की बिमारिओ वहमो को दूर करता है और self confidence label / आत्म विश्वास बढाता है!जिस से साधक या व्यक्ति को जीवन में मुश्किलों का सामना करने में बहुत सहायता मिलती है !और आम आदमी उस के प्रभाव में तुरंत आ जाता है! 10. आचरण और नियम ! हर काम की सफलता के लिए सब से पहले आप को अपने जीवन में कुछ नियम या प्रण लेने पड़ते है अगर आप उन नियमो पर नहीं चलते तो आप को सफलता मिलनी मुश्किल हो जाती है फिर यह इस जगत की बात हो या अध्यात्मिक की! आज कल बाजारों और अख़बार के विज्ञापनों में आप को बहुत से लोग गारंटी करते है की १० घंटे में वशीकरण या मन चाहा प्यार हासिल करो मेरे किया का काट किसी के पास नहीं ये सब बकवास बाजी है और आप से पैसे अठने का ढंग है किउ की उन को पता है प्यार में आदमी अँधा होता है पैसा उस के लिए क्या चीज है इस लिए उन के झांसे में ना आ कर वशीकरण को samjhe और इस पुस्तक द्वारा खुद प्रयोग कर के देखे! 11.कौन है वो खास लोग जिन्हें वश में नहीं किया जा सकता ? कुछ लोग या रिश्ते ऐसे होते है जिन पर तंत्र पर्योग नहीं किया जा सकता या उन पर इस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता या मना/ वर्जित होता है शास्त्रों में उस काम की मनाही होती है!इस लिए उस को मन से निकाल देना चाहिए !
Wednesday, September 26, 2012
वशीकरण
वशीकरण शब्द कहने में जितना आसान है उतना ही मुश्किल साधने में है! वशीकरण विद्या प्राचीन विद्या है और यह तंत्र की अष्ट कर्म सिधिकर्म,शान्तिकर्मा ,रोगनाशक कर्म , वशीकरण ,विद्वेषण ,स्तम्भन ,उचाटन ,और मारण कर्म ) में से एक है!मैंने अपने लेखो में कई बार वशीकरण का जिक्र किया है और कई बार मंत्र भी वेबसाइट पर दिए है ,और मुझे अक्सर ईमेल आती रहती है की हमें किसी वशीकरण मंत्र के बारे में बताये ,कोई आपनी प्रेमिका के बारे में ,कोई प्रेमी के बारे में कोई पत्ति का ,कोई बिगडे बेटे का ,कोई बॉस का ,कोई अपनी फैक्ट्री की लेबर का ,कोई शत्रु का और न जाने क्या क्या कोई भूत को ही वश में करना चाहता है! सब का सवाल एक ही है और उस के पीछे मंशा भी की कैसे हमारा स्वार्थ सिद्ध हो जाये जो वस्तु हमें लाख प्रयतन पर भी नहीं मिल रही वो मिल जाये जो बिनती करने पर भी हमारा कहा नहीं मान रहा वो मान ले? तंत्र द्वारा वशीकरण ! तंत्र शास्त्र भारत की एक प्राचीन विद्या है। तंत्र ग्रंथ भगवान शिव के मुख से आविर्भूत हुए हैं। उनको पवित्र और प्रामाणिक माना गया है। भारतीय साहित्य में ‘तंत्र’ की एक विशिष्ट स्थिति है, पर कुछ साधक इस शक्ति का दुरुपयोग करने लग गए, जिसके कारण यह विद्या बदनाम हो गई। जो तंत्र से भय खाता हैं, वह मनुष्य ही नहीं हैं, वह साधक तो बन ही नहीं सकता! गुरु गोरखनाथ के समय में तंत्र अपने आप में एक सर्वोत्कृष्ट विद्या थी और समाज का प्रत्येक वर्ग उसे अपना रहा था! जीवन की जटिल समस्याओं को सुलझाने में केवल तंत्र ही सहायक हो सकता हैं! परन्तु गोरखनाथ के बाद में भयानन्द आदि जो लोग हुए उन्होंने तंत्र को एक विकृत रूप दे दिया! उन्होंने तंत्र का तात्पर्य भोग, विलास, मद्य, मांस, पंचमकार को ही मान लिया! “मद्यं मांसं तथा मत्स्यं मुद्रा मैथुनमेव च, मकार पंचवर्गस्यात सह तंत्रः सह तान्त्रिकां” जो व्यक्ति इन पांच मकारो में लिप्त रहता हैं वही तांत्रिक हैं, भयानन्द ने ऐसा कहा! उसने कहा की उसे मांस, मछली और मदिरा तो खानी ही चाहिए, और वह नित्य स्त्री के साथ समागम करता हुआ साधना करे! ये ऐसी गलत धरना समाज में फैली की जो ढोंगी थे, जो पाखंडी थे, उन्होंने इस श्लोक को महत्वपूर्ण मान लिया और शराब पीने लगे, धनोपार्जन करने लगे, और मूल तंत्र से अलग हट गए, धूर्तता और छल मात्र रह गया! और समाज ऐसे लोगों से भय खाने लगे! और दूर हटने लगे! लोग सोचने लगे कि ऐसा कैसा तंत्र हैं, इससे समाज का क्या हित हो सकता हैं? लोगों ने इन तांत्रिकों का नाम लेना बंद कर दिया, उनका सम्मान करना बंद कर दिया, अपना दुःख तो भोगते रहे परन्तु अपनी समस्याओं को उन तांत्रिकों से कहने में कतराने लगे, क्योंकि उनके पास जाना ही कई प्रकार की समस्याओं को मोल लेना था! और ऐसा लगने लगा कि तंत्र समाज के लिए उपयोगी नहीं हैं! परन्तु दोष तंत्र का नहीं, उन पथभ्रष्ट लोगों का रहा, जिनकी वजह से तंत्र भी बदनाम हो गया! सही अर्थों में देखा जायें तो तंत्र का तात्पर्य तो जीवन को सभी दृष्टियों से पूर्णता देना हैं! दत्तात्रेय तंत्र में जिक्र आता है की भगवान् शिव ने खुद ऋषि दत्तात्रेय को वरदान दिया था की मै खुद तीन अवस्थाओ मे साधक के साथ हूँ जहा किसी की स्त्री का हरण हुआ हो,जहाँ किसी का किसी ने धन चुराया/या जप्त किया हो ,और किसी ने जमीन पर अनधिकृत जप्त किया हो उस समय मै उस साधना मै साधक के साथ उस दुष्ट के विरुद्ध खुद विराजमान होता हूँ !अन्यथा अपनी शक्ति का दुरूपयोग या आनेतिक कर्म मै मै उस साधक का विनाश करता हूँ इस लिए तंत्र विद्या का कभी दुरूपयोग नहीं करना चाहए केवल बहुत जरुरी होने पर ही इस का प्रयोग करना चाहए! अन्यथा नहीं. शंका और समाधान कुंडली में ख़ास योग ! लगातार परिश्रम या practice /साधना Complete संपूरण वशीकरण lucky number ,lucky color or इष्ट देव मंत्र द्वारा ! पहनाने पहनने और खाने वाली चीजो से वशीकरण ? केवल आप के व्यवहार द्वारा अलग -अलग व्यक्तिओ का वशीकरण (scientific way) सूर्य राशी जान कर वशीकरण आसान! वस्तुओ के दान और जल प्रवाह कर के इच्छित व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित करना या मधुर सम्बन्ध बनाना! सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग और अन्य नक्छत्रो का मंत्र सिद्दी के लिए प्रयोग! वशीकरण के वैदिक ,तांत्रिक,शाबर और मुसलमानी इलम! कुंडली में वशीकरण योग ना होते हुए भी व्यक्ति/साधक के व्यवहार और आभामंडल में आश्चर्य जनक परिवर्तन! आचरण और नियम !बाजार और अखबारों में छपे विज्ञापनों की पोल ? कौन है वो खास लोग जिन्हें वश में नहीं किया जा सकता ? 1. कुंडली में ख़ास योग :- वशीकरण के बारे में एक बात स्पष्ट कर दू की वशीकरण तो क्या कोई भी सिद्दी या विद्या जो की अलोकिक या रहस्यमय है ?उसे आप अपने जीवन में उतारे गे या उस मार्ग पर चले गे यह एक ख़ास योग या ग्रहो का समावेश स्थिति आप की कुंडली में अंगित/reflect /position या स्पष्ट करे गी जो की आप को इस विद्या की तरफ आकर्षित करे गी और सफलता दिलाये गी ! इस लिए उस योग को जरुर जाँच ले? ————– 2.लगातार परिश्रम या practice /साधना:- सच्ची लगन ही आप को सफलता दिलाती है!दुनिया में जितने भी अविष्कारक या सफल व्यक्ति हुए है! उन के पीछे उन की सच्ची लगन और परिश्रम ही था ,अविष्कार से पहले लोग उन को पागल कहते थे चाहे वो Thomas Alva एडिसन जिस ने बिजली का अविष्कार किया या Wright brothers,जिन्हों ने पहला एयर क्राफ्ट बनाया था और सेकड़ो उदहारण है जिन्हों ने सफल होने से पहले लाखों चुनोतियो का सामना किया और अपने मिशन को पूरा करने के लिए लगातार ३६-३६ घंटे जाग कर भी निराश नहीं हुए और सफल हो कर आलोचकों का मुह तोड़ जवाब दिया !किताब खरीद कर ,पड़ कर दराज में रख देने से सिद्दी नहीं मिलती ये तो उस पर अमल करने और समय देने से जो कहा है उस पर अमल करने से मिलती है! 3.complete सम्पूरण वशीकरण lucky number ,lucky color or इष्ट देव मंत्र द्वारा ! आप के लिए लक्की ,नंबर कपड़ो का रंग ,ओर कोण से देवता इष्ट का जाप करे जो आप को जल्दी सफलता दिलाने में सहायक हो. 4.पहनाने- पहनने और खाने वाली चीजो से वशीकरण ? आप ने अक्सर सुना होगा की फलाने आदमी या औरत को किसी ने कुछ खिला दिया है इस लिए यह उसी की बात सुनता है !ऐसे कई मंत्र है जिस से अभिमंत्रित कर के चीज खिलाने से सामने वाला आप के विरुद्ध नहीं बोलता और उस के आप से सम्बन्ध मधुर हो जाते है इस का प्रयोग पति पत्नी के लड़ाई झगडे में किया जाता है!इस लिये की वह एक दुसरे से वैरभाव भूल कर मधुरता से रहे! 5.केवल आप के व्यवहार द्वारा अलग -अलग व्यक्तिओ का वशीकरण (scientific way) 6.सूर्य राशी/sunsign जान कर वशीकरण आसान! जिस व्यक्ति को आप अपने प्रभाव में लाना चाहते है !अगर उस की सूर्य राशी आप को पता चल जाये तो उस की आदतों को जान कर उस का वशीकरण आसान हो जाता है और साथ ही आप उस की राशी के उपाए कर के भी उस पर अपना influence /प्रभाव डाल सकते है ! 7.वस्तुओ के दान और जल प्रवाह कर के इच्छित व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित करना या मधुर सम्बन्ध बनाना! जिस व्यक्ति का आप वशीकरण चाहते है या अपने प्रभाव में उसे लाना चाहते है! उन का प्रतिनिधि ग्रह आप की कुंडली में किस अवस्था में है और क्या प्रभाव डाल रहा है और कोन से उपाए या दान कर के आप को सफलता मिल सकती है या जल में उन सम्भंदित वस्तुओ को बहा कर ज्यादा मानसिक प्रभाव डाला जा सकता है यह कुंडली का विश्लेषण से ही पता चलता है! 8.सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग और अन्य नक्छत्रो का मंत्र सिद्दी के लिए प्रयोग!सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग और अन्य नक्छत्रो का मंत्र सिद्दी के लिए प्रयोग आदिकाल से चला आ रहा है !सूर्य/चंदर ग्रहन स्वार्थ सिद्ध ,अमृत सिद्ध ,रवि योग आदि समय में मन्त्र जप का प्रभाव कई गुना बड जाता है इस लिए इस काल को साधक को जरुर जाप के लिए इस्तेमाल करना चाहिए ये मेरे निजी अनुभव में आया है! इस से सालो का काम महीनो में और महीनो का दिनों में हो जाता है और प्रभाव भी सदा रहता है! . 9. कुंडली में वशीकरण योग ना होते हुए भी व्यक्ति/साधक के व्यवहार और आभामंडल में आश्चर्य जनक परिवर्तन! कई बार ऐसा होता है की व्यक्ति जिस वस्तु या व्यक्ति को वश में करने के लिए जाप या साधना करता है उस की वो अभिलाषा तो पूरी नहीं होती पर इतना अवश्य होता है की साधक के आभामंडल और व्यक्तित्व में अश्र्यजनक परिवर्तन देखा गया है,जो उस की एकाग्रता /concentration को बढाता है !दिमाग की बिमारिओ वहमो को दूर करता है और self confidence label / आत्म विश्वास बढाता है!जिस से साधक या व्यक्ति को जीवन में मुश्किलों का सामना करने में बहुत सहायता मिलती है !और आम आदमी उस के प्रभाव में तुरंत आ जाता है! 10. आचरण और नियम ! हर काम की सफलता के लिए सब से पहले आप को अपने जीवन में कुछ नियम या प्रण लेने पड़ते है अगर आप उन नियमो पर नहीं चलते तो आप को सफलता मिलनी मुश्किल हो जाती है फिर यह इस जगत की बात हो या अध्यात्मिक की! आज कल बाजारों और अख़बार के विज्ञापनों में आप को बहुत से लोग गारंटी करते है की १० घंटे में वशीकरण या मन चाहा प्यार हासिल करो मेरे किया का काट किसी के पास नहीं ये सब बकवास बाजी है और आप से पैसे अठने का ढंग है किउ की उन को पता है प्यार में आदमी अँधा होता है पैसा उस के लिए क्या चीज है इस लिए उन के झांसे में ना आ कर वशीकरण को samjhe और इस पुस्तक द्वारा खुद प्रयोग कर के देखे! 11.कौन है वो खास लोग जिन्हें वश में नहीं किया जा सकता ? कुछ लोग या रिश्ते ऐसे होते है जिन पर तंत्र पर्योग नहीं किया जा सकता या उन पर इस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता या मना/ वर्जित होता है शास्त्रों में उस काम की मनाही होती है!इस लिए उस को मन से निकाल देना चाहिए !
काला जादू
१०१ अचूक टोटके
वश में करने का आसान तरीका!
वशीकरण/सम्मोहन/वश में करने का आसान तरीका!
इस लेख में जाने "वशीकरण के पांच चमत्कारी उपाय/ आसान टोटके/ मंत्र विद्या योग/ तिलक, सम्मोहन कला, विज्ञान/ जादू टोना तंत्र मंत्र?, वश में करना/ सम्मोहन शक्ति कैसे प्राप्त करें, हिप्नोटाइज/ हिप्नोटिज्म करने की विधि" सम्बंधित प्रश्नों का जवाब दिया जायेगा।
सम्मोहन (वशीकरण)
क्या आप जानते है कि लोगों को सम्मोहित करने के लिए विशेष शक्तियां की जरूरत नहीं है?
- यदि आप सम्मोहन तकनीकों को जानकर ठीक से लागू कर सकते हैं तो आप सच में हर परिस्तिथि में जल्दी औरआसानी से लोगों को सम्मोहित कर सकते हैं।
- सम्मोहन किसी व्यक्ति की जानकारी के बिना कृत्रिम निद्रावस्था के जादू के तहत तुरन्त आज्ञाकारी और हरकाम करने को तैयार करना है, इस तकनीक में वे पूरी तरह से जाग रहे होते है और समझ नही पाते कि यह क्या हो रहाहै।
- कई लोगो को अन्धविश्वास या ग़लतफहमी होती है कि सम्मोहन कोई तांत्रिक मायाजाल वशीकरण है परन्तु सच यहहै कि सम्मोहन मन नियंत्रण या रहस्यमय शक्तियां नहीं है ।
- इसमें आप कृत्रिम निद्रावस्था में लानेवाला के रूप में, ज्यादातर व्यक्ति को परेशानी से निकलने या याददाश्त दिलानेके लिए मार्गदर्शन करते हैं।
सम्मोहन (वशीकरण कैसे करे) के तरीके-
आप 2 तरीकों से दूसरों को सम्मोहित कर सकते हैं।
- अनुमति के साथ लोगों को सम्मोहित
- गुप्त सम्मोहन
पहले प्रकार में, आप उनकी अनुमति के साथ लोगों को सम्मोहित करते है।
- इस तरीके में आप कृत्रिम निद्रावस्था, आवाज और तकनीक का उपयोग कर लोगों को सम्मोहित करते है।
- इसमें एक ट्रान्स स्तिथि में एक व्यक्ति को रख दिया जाता है और अपने आदेशों को उससे मनवाते हैं। कृत्रिमनिद्रावस्था का राज्य जब भी आप चाहे समाप्त कर सकते है।
- सम्मोहन का यह प्रकार सुरक्षित और सामान्य रूप से (उदाहरण के लिए- दर्द नियंत्रण, तनाव में कमी) दूसरों कोस्वस्थ करने के लिए ह्य्प्नोथेरपी में प्रयोग किया जाता है।
सम्मोहन के दूसरे प्रकार में गुप्त सम्मोहन है।
- गुप्त सम्मोहन में, आप व्यक्ति की जानकारी के बिना दूसरों को सम्मोहित कर सकते है।
- उस व्यक्ति को पता नहीं होता है कि आप उसे सम्मोहित कर रहे हैं।
- गुप्त सम्मोहन का लक्ष्य बिना किसी भी प्रतिरोध के जो कुछ भी आप चाहते है उसको प्राप्त करना होता है।
- एक व्यक्ति जब आपके सम्मोहन के अंतर्गत है, तो आप अपने कृत्रिम निद्रावस्था का सुझाव और आदेशों को बनासकते हैं।
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