Saturday, August 12, 2017

स्त्री वशीकरण मंत्र प्रयोग/


जिस स्त्री या लड़की को आप अपने वश में करना चाहते हो तो उस लड़की के अंदरुनी वस्त्र का टुकड़ा काट ले और उस पर लाल स्याही से उसका नाम लिख ले और उस कपडे को ७ दिन तक आपने पास रखे और उसके बाद उस कपडे को जला दे और उसकी रख को अपने पैरो के निचे रोंध दे ,, ऐसा करने से वो लड़की आपके तरफ आकर्शित हो जाएगी .. सफेद गुंजा की जड़ को घिस कर माथे पर तिलक लगाने से सभी लोग वशीभूत हो जाते हैं। यदि सूर्य ग्रहण के समय सहदेवी की जड़ और सफेद चंदन को घिस कर व्यक्ति तिलक करे तो देखने वाली स्त्री वशीभूत हो जाएगी। राई और प्रियंगु को ‘ह्रीं’ मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करके किसी स्त्री के ऊपर डाल दें तो वह वश में हो जाएगी। शनिवार के दिन सुंदर आकृति वाली एक पुतली बनाकर उसके पेट पर इच्छित स्त्री का नाम लिखकर उसी को दिखाएं जिसका नाम लिखा है। फिर उस पुतली को छाती से लगाकर रखें। इससे स्त्री वशीभूत हो जाएगी। बिजौरे की जड़ और धतूरे के बीज को प्याज के साथ पीसकर जिसे सुंघाया जाए वह वशीभूत हो जाएगा। नागकेसर को खरल में कूट छान कर शुद्ध घी में मिलाकर यह लेप माथे पर लगाने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है। नागकेसर, चमेली के फूल, कूट, तगर, कुंकुंम और देशी घी का मिश्रण बनाकर किसी प्याली में रख दें। लगातार कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका तिलक लगाते रहने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।

Monday, January 2, 2017

स्त्री वशीकरण मंत्र

स्त्री वशीकरण मंत्र प्रयोग उपाय

क्या स्त्री वशीकरण मंत्र प्रयोग उपाय टोटके द्वारा किसी स्त्री को अपने वश में करना चाहते है ? प्रत्येक समाज व परिवार में स्त्री का प्रदर्शन कई रूपों में होता रहा है। उसकी शक्ति उसके प्रेम, संवेदनशीलता, भावुकता, समर्पण और मनोवांछित फल पाने या इच्छापूर्ति के वास्ते स्वच्छंदता जैसे कई रूपों में प्रकट होता है। उनपर नियंत्रण भी उतना ही आवश्यक होता है, जितना उसे एक सीमा तक खुले आसमान में विचरण करने देना। इसके लिए प्राचीन काल से स्त्री वशीकरण की चर्चा होती रही है तथा इसके लिए कई अचूक उपाए बताए गए हैं।

स्त्री वशीकरण मंत्र प्रयोग उपाय

स्त्री वशीकरण तंत्र विज्ञान की प्राचीन पुस्तकों में वशीकरण के विविध प्रयोग  वर्णित हैं, जो सामान्य जीवन-यापन और स्त्री-पुरुष के दरम्यान संबंधें की प्रगाढ़ता को बढ़ाने में सहायक बनते हैं। जैसे- कोई अपने स्वामी को अपने वश में कैसे करे? एक पत्नी अपने पति को वश में कैसे रखे? इसी तरह से पत्नी वशीकरण, नौकर वशीकरण, कन्या वशीकरण, स्त्री वशीकरण आदि की चर्चा सदियों से चलती आ रही है।
स्त्री वशीकरण प्रयोग एक तरह से सम्मोहन है। इसके लिए की जान वाली साधनाएं मंत्र के जाप से पूरी होती हैं। मंत्र को पहले जाप कर सिद्ध किया जाता है। उसके बाद उस मंत्र से किसी को भी मोहित किया जा सकता है। वैसे मंत्र उपयोग के तरीके काफी विधि-विधान के साथ किए जाते हैं।
किसी भी स्त्री को वशीभूत करने के लिए बताए गए तरीके के इस्तेमाल से पहले यह तय करना आवश्यक होता है कि उक्त स्त्री का वशीकरण किस उद्देश्य से किया जा रहा हैै। जैसे कोई अपनी प्रेमिका को सम्मोहित करना चाहता है। उसकी भावनाओं पर नियंत्रण पाना चाहता है। या फिर कोई अपनी पत्नी के मन और शरीर पर अपना अधिपत्य जताना चाहता है। या कोई अपनी पत्नी को इस तरह से वशीभूत करना चाहता है ताकि उसकी कामुकता के चरमोत्कर्ष को प्राप्त कर ले।
इसी तरह से कई बार विचलित मनःस्थिति की स्त्री को भी वशीभूत करने की आवश्यकता होती है। परपुरुष गामी हो चुकी स्त्री को सही मार्ग पर लाने के लिए वशीकरण करना सामाजिक और पारिवारक हित में होता है। इनके बारे मं विस्तार से तरीके जानने से पहले उस मंत्र को जान लेना आवश्यक है, जिनसे सम्मोहन शक्ति प्राप्त की जा सकती है।
अद्भुत मंत्र भगवते रुद्राय सर्वजगमोहनं कुरू कुरू स्वाहा से किसी मनचाही स्त्री को मोहित किया जा सकता है। या कहें कि उसे अपनी ओर सम्मोहित करने के लिए इस मंत्र का प्रयोग एक कारगर उपाय हो सकता है। इसके लिए उस स्त्री के पैरों के नीचे की मिट्टी उठाकर उसे सात बार पढ़कर उसके सिर डाल देने से वह मोहित हो जाती है। इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए शनिवार से शुरु किये गए जाप के आयोजन को अगले शनिवार को खत्म करना होता है।
इसके अलावा कामिनी मोहनी के लिए मुस्लिम मंत्र भी प्रचलन में है। इनका उच्चारण जाप के समय अक्षरशः शुद्ध उच्चारण के साथ किया जाना चाहिए। वह मंत्र इस प्रकार है-
अल्लाह बीच हथेली के मुहम्मद बीच कपार।
उसके नाम मोहनी जगत् मोहे संसार।।
मोह करे जो मोर मार उस बाएं पोत बार डार।
जो न माने मोहम्मद पैगम्बर की आन।
उस पर मोहम्मद मेरा रसूलिल्लाह।।
स्त्री वशीकरण के अन्य मंत्र इस तरह के हैंः-
क्लीं नमः कमाक्ष्यै दैव्यै अमुकी भे
मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा।
इस मंत्र का सवा लाख बार जाप करने का विधि-विधान बताया गया है। इसके प्रयोग करते समय मंत्रा मं अमुकी के स्थान पर साध्य स्त्री का नाम लिया जाना चाहिए। यदि यह किसी अन्य व्यक्ति के लिए किया जाना है तब मम के स्थान उसका नाम लिया जाना चाहिए। इस तरह से इसक प्रभाव निम्नलिखित प्रयोगों से संभव हो पाता है।
इसे महत्वपूर्ण विधान से जाना चाहिए। उसके अनुसार रविवार के दिन काले धतूरे के फूल, डाल, पत्ते एवं जड़ को पीसकर उसके समान भाग गोरोचन और केसर मिलाएं। उसके बाद तैयार सामग्री का तिलक लगाकर अपने साध्य स्त्री के सामने जाएं। थोड़ी देर में ही उसका आपके प्रति बदला हुआ वशीभूत प्रभाव दिखाई देगा। तिलक लगाने के समय मंत्र को पढ़ा जाना चाहिए।
इसी तरह से दूसरे उपाय के अनुसार तीन तरह के बूटी वच, काकलहर और कूट को बराबर भागों में लेकर उसके चूर्ण में अपना वीर्य और अनामिका का खून मिलाकर साध्य स्त्री को खिलाने से वह वश में आ जाती है तथा उसका व्यवहार दासी की तरह हो जाता है।
जिस किसी स्त्री को तत्काल वश में करना हो तब उसके लिए वच, कूठ, चिताभष्म, गोरोचन और केसर के चूर्ण को उसका नाम लेकर सिद्ध मंत्रा से 21 बार अभिमंत्रित किया जाना चाहिए। उसके बाद चूर्ण  उसपर छिड़कने से वह स्त्री तुरंत वशीभूत हो जाती है।
गोरोचन से कमल के पत्ते पर साध्य स्त्री का नाम लिखने के बाद उसे पीसकर तिलक लगाने से वह वशीभूत हो जाती है। इसके साथ ही मंत्र के जाप के दौरान ध्यानाकर्षण जरूरी है।
सहदेवी की जड़ के प्रयोग के लिए उपयोग में आने वाल मंत्र इस प्रकार है, जिसे पर्वकाल में सिद्ध किया जाना आवश्यक है। इसकी जाप संख्या सवा लाख है।
वह मंत्र हैःक्लीं नमो भगवती मंघलेश्वरी सर्वसुखरंजिनी सर्वध्र्म मातघ अमुक कुमारी
भे लघु लघु वश्यं कुरु कुरु स्वाहा।
इस मंत्र अभिमंत्रित मंत्र के विविध प्रयोगों के लिए सहदेवी की जड़ का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें रविवार को पुष्य नक्षत्र में लाया जाता है, जबकि एक दिन पहले शनिवार के दिन लाने का निमंत्रण दिया जाता है। उसके बाद विधियों को नियमपूर्वक पूरा किया जाता है।
कोई स्त्री कुंवारी हो या फिर व्याहता उसे आकर्षित करने या कहें कि मोहित करने के लिए सरल रूप वाले साबर मंत्र का प्रचलन भी सदियों से रह है। इनसे आत्मीय संतुष्टी मिलती है और उस स्त्री के प्रति मानसिक संतुलन कायम होता है। यहां दिए मंत्र उपयोगी साबित हो सकते हैं।
ओमनमो काला भैरूं,
काली रात, काला चाल्या आध् रात, काला रेत मेरा वीर,
पर नारी के राखे सीर, बेगी जा छाती ध्र ला,
सूती हो जो जगाय ला, शब्द सांचा पिण्ड कांचा पफूरो मंत्रा ईश्वरी वाचा।
इस स्त्री वशीकरण मंत्र को पहले किसी पर्वकाल, होली, दीवाली या ग्रहण पर सिद्ध कर लिया जाता है। उसके बाद इन्हीं में किसी एक मौके पर या रविवार को पुष्य नक्षत्र में अरंड की सूखी डाल को एक झटके में तोड़ लाएं। उसकी काजल बनाएं। फिर उस काजल को मंत्रोच्चारण के साथ साध्य औरत की शरीर पर कहीं भी लगा दें। एसा करने पर उक्त स्त्री को वशीभूत किया जा सकता है।
दूसरे मंत्र के रूप में इसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
जल मोहूं, थल मोहूं, जंगल की हिरणी मोहूं,
बाट चलंता बटोही मोहूं, कचहरी बैठी राजा मोहूं,
पीढ़ा बैठी रानी मोहूं, मोहनी मेरा नाम,
मोहूं जग संसार, तारा तरीला तोतला तीनों बसैं कपाल,
मस्तक बैठी मात के दुश्मन करूं पामाल,
मेरी भक्ति गुरु की शक्ति पुफरो मंत्रा ईश्वरी वाचा।
इस स्त्री वशीकरण मंत्र को भी प्रयोग से पहले 21 दिनों तक सिद्ध किया जाता है। इसकी शुरुआत शनिवार से कि जाती है तथा आधी रात के समय तक नित्य जाप किया जाता है। हर मंत्र के साथ अग्निी में गुगल की आहूति दी जाती है। इसके प्रयोग के समय किसी मिठाई पर मंत्र को 21 बार पढ़कर स्त्री को खिला देने से वह वशीभूत हो जाती है।
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तिलक से वशीकरण

तिलक से वशीकरण का अनुभूत प्रयोग
प्रिय साधक टिका  वशीकरण, तिलक वशीकरण, सम्मोहन तिलक एक ही प्रकार के विभिन रूप है जिसके द्वारा कोई भी किसी को भी अपने वस में कर सकता है | इसके लिए सबसे पहले वशीकरण बनाया जाता है या आप किसी साधु से भी इसको प्राप्त कर सकते है और या आप हमसे इसकी प्रयोग विधि जन सकते है | यदि आपको वशीकरण टिका बना हुआ कही से मिल जाता है तो केवल आपको मस्तिक में लगाना होता है और आप जिस किसी के शामे जाते है वो आपसे प्रसन होकर आपकी सारी बातो में हा करता है आप जैसा चाहते हो वो इंसान वैसा ही करता है | लेकिन एक सिद्ध वशीकरण तिलक पाना बहुत ही मुश्किल काम है | लेकिन इसकी फ़िक्र करने की कोई जरुरत नहीं है आप इसको अपने घर पर भी बना सकते उसके लिए कुछ विधि से इसको बनाना पड़ता है|
तिलक से वशीकरण कैसे होता है, कैसे बनाये और उसका प्रयोग कैसे करे
वशीकरण तिलक को बनाने के लिए थोड़ा सुद्ध सिंदूर लेवे , थोड़ा सुद्ध केसर लेवे , थोड़ा सुद्ध गोराचन लेवे उसको अछे से मिला लेवे एंड इसको एक चांदी की डीबी में रखे | हमेशा सुबह ही इस तिलक का प्रयोग करना चाइये | तिलक हमेशा मध्य ललाट में लगाना चाइये एंड तिलक लगते समय निम्न मंत्र का उचारण करना चाइये |
मंत्र : ॐ नमो सर्व लोक: वशंकराय: कुरऊ कुरऊ स्वा:
इसके बाद देखे जो आपके सामने देखेगा वो आपसे वशीभूत हो जायेगा और आपको बहुत सफलता मिलेगी | यदि प्रबल वशीकरण तिलक चाहते हो तो हमसे संपर्क करे क्योंकि बहुत से विभिन मंत्र के उचारण के बाद वो तिलक तैयार होता है जिससे तो हर कार्य आपका सफल होगा |
यदि आप वशीकरण तिलक बनाने की विधि का अनुभूत प्रयोग घर पर ही करना चाहते है तो एक सिंदूर की डीबी ले उसमे से थोड़ा सिंदूर एक छोटी कटोरी में निकाल ले फिर चमेली का तेल ले उसको उसमे में मिलये और ये तिलक तो बन गया पर वशीकरण का काम नहीं करेगा क्योंकि इसको पहले सिद्ध करना पड़ेगा इसके लिए आप मेरे से संपर्क कर सकते है की कोनसा सक्तिशाली मंत्र का उच्चारण करना पड़ेगा जिससे आपकी वशीकरण तिलक की उपयोगिता पूरी होगी|

वशीकरण तिलक/सम्मोहन तिलक को सिद्ध करने के लिए बहुत से प्रकार मंत्र और सबको सिद्ध करने की अलग विधि विधान है जैसे की आप अपने ऑफिस में बॉस को खुश रखना चाहते है इसके लिए अलग से वशीकरण मंत्र का उच्चारण किया जायेगा, यदि आप किसी लड़की से प्रेम करते है और उसको अपने वश में करना चाहते है तो आपको अलग विधि और मंत्र का प्रयोग करना पड़ेगा| तो मै ये बताना चाहता हु की वशीकरण तिलक को किस के लिए आप प्रयोग मै लेना चाहते है सब कार्य के लिए अलग अलग विधि विधान मौजूद है |

बहुत से समय मै वशीकरण तिलक का अनुभूत प्रयोग जॉब्स मै, ऑफिस मै , बिज़नेस मै , प्यार मै, परिवार में, किसी को अपने वश में करने के लिए, और भी बहुत से प्रकार से आप इसका प्रयोग कर सकते है | इसके अनुसार ही वशीकरण तिलक / सम्मोहन तिलक / वशीकरण टिका को बनाया जाता क्योंकि इसमें आपके प्रयोग के तरीके अलग अलग है |

मेरे प्रिय साधक किसी भी प्रकार की परामर्श के लिए आप हमसे कभी भी संपर्क कर सकते है आपका दिन मंगलमय हो |